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When there are so many flowers blooming...
When the air is so fragrant...
Why to bleed with thorns???

Stay Blessed and Happy....

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दूरदर्शन जयपुर से कविता पाठ

सृजन कार्यक्रम में काव्य गोष्ठी 30 दिसम्बर 2015
मन का पिंजरा  अभिलाषाएं क़ैद उड़ना  चाहें उन्मुक्त्त गगन मे खोल दूँ पिंजरा....

हरसिंगार -1

हरसिंगार -1 बाहर हरसिंगार महक रहा है खिड़की से सुगंध भीतर तक आ कर  पुल्कित कर रही है। मैं बाहर आकर तस्वीर लेती हूँ तस्वीर सबसे साझा कर सकती हूँ सुगंध नहीं... प्रेम का भी कुछ ऐसा ही किस्सा है... जो दिखाई नहीं देता है, कहा नहीं जाता है,  दरअसल वही सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है!